15 दिसंबर 2025 से पहले अग्रिम कर की अंतिम तिथि: जानिए पूरी जानकारी

15 दिसंबर 2025 को अग्रिम कर (Advance Tax) की अंतिम तिथि है। जानिए कौन-कौन भुगतान करेगा, कितना और कैसे करना है, ब्याज-जुर्माने से बचने के उपाय और सही टैक्स प्लानिंग के तरीके।

1. परिचय – क्यों महत्वपूर्ण है 15 दिसंबर 2025 की तारीख

भारत के आयकर अधिनियम, 1961 के तहत अग्रिम कर (Advance Tax) एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें करदाता अपनी अनुमानित आयकर देनदारी साल खत्म होने से पहले किस्तों में चुकाते हैं।
इससे न केवल सरकार को नियमित नकदी प्रवाह मिलता है, बल्कि करदाता को भी एकमुश्त टैक्स देने का दबाव नहीं पड़ता।

वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए एक अहम किस्त की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2025 है।
इस दिन तक सामान्य करदाताओं को अपनी अनुमानित टैक्स देनदारी का 75% हिस्सा जमा करना जरूरी है।
अगर कोई इस तिथि को मिस करता है, तो उस पर आयकर अधिनियम की धारा 234B और 234C के तहत ब्याज और जुर्माना लगाया जा सकता है।

2. किन लोगों को अग्रिम कर देना आवश्यक है

  • वे सभी करदाता (व्यक्ति, HUF, व्यवसाय या प्रोफेशनल) जिनकी अनुमानित टैक्स देनदारी ₹10,000 या उससे अधिक है।
  • इसमें शामिल हैं:
    • वेतन और अन्य स्रोतों से आय
    • व्यवसाय या पेशे से आय
    • पूंजीगत लाभ (Capital Gains)
    • किराया, ब्याज या निवेश से आय
  • छूट: 60 वर्ष से अधिक आयु वाले निवासी वरिष्ठ नागरिक, जिनकी केवल वेतन या पेंशन आय है और कोई व्यवसायिक आय नहीं है, उन्हें अग्रिम कर नहीं देना होता।
  • Presumptive Tax Scheme (धारा 44AD, 44ADA) अपनाने वालों के लिए अग्रिम कर के नियम थोड़े अलग हैं — उन्हें एकमुश्त भुगतान करना होता है।

3. अग्रिम कर की प्रमुख किस्तों की तिथियां (वित्त वर्ष 2025-26)

सामान्य करदाताओं के लिए:

  • 15 जून 2025 तक: अनुमानित टैक्स का 15%
  • 15 सितंबर 2025 तक: कुल 45% (पहली किस्त सहित)
  • 15 दिसंबर 2025 तक: कुल 75% (यानी तीसरी और सबसे अहम किस्त)
  • 15 मार्च 2026 तक: कुल 100% टैक्स भुगतान (अंतिम किस्त)

Presumptive Tax Scheme के तहत करदाता (धारा 44AD/44ADA) को एकमुश्त 100% अग्रिम कर 15 मार्च 2026 तक जमा करना होता है।

4. 15 दिसंबर की डेडलाइन इतनी महत्वपूर्ण क्यों है

  • इस तारीख तक आपको कुल टैक्स का 75% भुगतान करना होता है।
  • यदि इस दिन तक भुगतान में कमी या देरी होती है, तो धारा 234C के तहत ब्याज लगेगा।
  • समय पर भुगतान न करने से अगले चरणों (जैसे 15 मार्च) में बड़ी रकम एक साथ चुकानी पड़ सकती है
  • जो करदाता इस समय तक अपडेट रहते हैं, उन्हें ब्याज या पेनल्टी से बचने में आसानी होती है।

5. अग्रिम कर की गणना कैसे करें

  • चरण 1: अपनी कुल अनुमानित आय निकालें — वेतन, व्यवसाय, किराया, ब्याज, पूंजीगत लाभ आदि सब मिलाकर।
  • चरण 2: आयकर अधिनियम के तहत लागू छूटें (80C, 80D आदि) घटाएं।
  • चरण 3: कुल टैक्स देनदारी निकालें (सर्चार्ज और सेस सहित)।
  • चरण 4: पहले से कटे हुए TDS/TCS को घटाएं।
  • चरण 5: यदि शेष टैक्स ₹10,000 या अधिक है, तो आप अग्रिम कर के दायरे में आते हैं।
  • चरण 6: फिर टैक्स की किस्तों के प्रतिशत के अनुसार भुगतान करें (15 जून – 15%, 15 सितंबर – 45%, 15 दिसंबर – 75%, 15 मार्च – 100%)।

6. अग्रिम कर कैसे जमा करें – भुगतान की प्रक्रिया

  • ऑनलाइन तरीका:
    1. आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं।
    2. “e-Pay Tax” विकल्प चुनें।
    3. PAN दर्ज करें और टैक्स प्रकार के रूप में Advance Tax (Code 100) चुनें।
    4. बैंक चुनें, राशि भरें और नेट बैंकिंग या UPI से भुगतान करें।
    5. चालान (BSR कोड सहित) डाउनलोड करें और भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।
  • ऑफलाइन तरीका:
  • किसी अधिकृत बैंक शाखा में चालान 280 भरकर नकद/चेक से भुगतान करें।

7. डेडलाइन चूकने पर ब्याज और जुर्माना

  • धारा 234C: यदि किसी किस्त में कमी रह जाए, तो ब्याज 1% प्रति माह या तिमाही लगेगा।
  • धारा 234B: यदि पूरे साल में अग्रिम कर नहीं चुकाया, तो भी ब्याज देना पड़ सकता है।
  • परिणाम:
    • अतिरिक्त वित्तीय बोझ
    • रिटर्न भरते समय ज्यादा भुगतान
    • संभावित जांच या नोटिस का जोखिम
  • Presumptive करदाता अगर 15 मार्च तक भुगतान नहीं करते, तो उन पर भी वही ब्याज लागू होता है।

8. 15 दिसंबर की समय-सीमा पूरी करने के उपयोगी सुझाव

  • साल की शुरुआत में ही आय का यथार्थ अनुमान लगाएं।
  • टैक्स-कैलकुलेटर या चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद से अग्रिम कर की गणना करें।
  • सभी किस्तों की तारीखों के लिए रिमाइंडर सेट करें
  • अगर पिछली किस्तों में कम भुगतान हुआ है, तो 15 दिसंबर से पहले एडजस्ट करें ताकि ब्याज न लगे।
  • सभी भुगतान रसीदें और चालान सुरक्षित रखें
  • फ्रीलांसर या व्यापारी अग्रिम कर को अपने बजट का हिस्सा बनाएं।
  • सरकार की वेबसाइट पर किसी अपडेट की जानकारी लेते रहें।
  • जल्दी भुगतान बेहतर है” — आखिरी दिन पर भरोसा न करें।

9. निष्कर्ष – टैक्स को परेशानी नहीं, योजना बनाइए

15 दिसंबर 2025 की अग्रिम कर तिथि केवल एक भुगतान नहीं, बल्कि वित्तीय अनुशासन का संकेत है।
यदि आप समय पर 75% टैक्स का भुगतान कर देते हैं, तो न केवल ब्याज-जुर्माने से बचेंगे, बल्कि मार्च में आने वाली अंतिम किस्त भी सहज हो जाएगी।

सही अनुमान, समय पर भुगतान और चालान सुरक्षित रखने की आदत से आप निश्चिंत रह सकते हैं।
अग्रिम कर को बोझ न मानें — इसे स्मार्ट टैक्स-प्लानिंग का हिस्सा बनाएं।

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